पड़ोसन आंटी और उनकी बेटी को लंड पर कुदाया

January 30, 2026

पोर्न माँ बेटी सेक्स कहानी में मेरे घर के पास एक आंटी के रंग ढंग देख मुझे पता चल गया कि इसे लंड की जरूरत है. एक बार आंटी ने मुझे अपने घर बुलाया.

हाय दोस्तो, मेरा नाम राकेश है.

आज मैं आपको अपनी कॉलोनी वाली मस्त आंटी की चुदाई की पोर्न माँ बेटी सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूँ.

आंटी का नाम प्रिया है और उनका फिगर इतना शानदार है कि उन्हें देखकर जवान लड़कों की सांसें थम जाएं!

मैं भी आंटी को खूब ताड़ता था.
उनके उठे हुए दूध देख कर मैं मुठ मारने पर मजबूर हो जाता था.

मेरी कामुक नजरों को आंटी शायद समझने लगी थीं और वे अक्सर मुझे देख कर मुस्कुरा देती थीं.

हालांकि वे मेरी मम्मी से बात करती थीं तो मेरी गांड फटती थी कि मैंने कहीं कुछ किया और आंटी को पसंद नहीं आया तो इज्जत की मां चुद जाएगी.

फिर भी कभी कभी आंटी मेरे सामने झुक कर झाड़ू लगाती थीं, तो मैं उनकी हरकतों को देख कर समझ जाता था कि इनको लंड की जरूरत है.

दरअसल अंकल ने दो साल से आंटी को चोदना छोड़ दिया था और आंटी की चुत बिना लंड के शायद भूखी थी, ऐसा मुझे लगता था.

अंकल ने आंटी को चोदना छोड़ दिया था, यह बात मुझे बाद में तब मालूम पड़ी थी जब मैंने आंटी को चोदा था.

एक दिन आंटी के पति बाहर गए हुए थे और वे घर पर अकेली थीं.
उन्होंने मेरी मम्मी से कहा- मुझे अकेले डर लगता है, राकेश को रात में मेरे घर सोने के लिए भेज दो.

मम्मी ने मुझसे पूछा, तो मैंने तुरंत हां कर दी.
रात हुई तो मैं उनके घर पहुंच गया. आंटी मुझे अपने बेडरूम में ले गईं.

हम दोनों ने कुछ देर बातें की और फिर सोने के लिए लेट गए.

कुछ देर बाद आंटी सो चुकी थीं.
उनका मुँह मेरी तरफ था और लाल स्लीवलेस नाइटी में उनका बदन चाँदनी की तरह चमक रहा था.

उन्हें देखकर मेरी हवस जाग उठी.

मैं उनके करीब को गया और धीरे से उनके रसीले लाल होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

आंटी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैं उनके होंठों को चूसने लगा.
आह … क्या रसीला स्वाद था उनके होंठों का!

कुछ देर होंठ चूसने के बाद मैंने उन्हें कमर से पकड़ कर अपनी बांहों में कस लिया और जोर जोर से उनके चूचों को दबाने लगा.
इससे आंटी अचानक से जाग गईं और चीख पड़ीं- छोड़ मुझे राकेश … ये क्या कर रहा है?

लेकिन मैंने उन्हें और कसकर पकड़ लिया और चूमना जारी रखा.
कुछ देर विरोध करने के बाद उन्हें भी मज़ा आने लगा और वे खुद मेरे होंठों को चूसने लगीं.

दोस्तो, मैं तो जन्नत में पहुंच गया था!

आंटी- राकेश आह चूम लो मुझे … प्यार करो अपनी आंटी को … मेरे बाबू!
मैं- हां मेरी जान, आज तुझे चोद-चोदकर भरपूर मज़ा दूँगा.

मैंने उन्हें पूरी नंगी कर दिया.
अब उनका गोरा जिस्म मेरी बांहों में कैद था.

उनके बड़े-बड़े चूचे, गोरा सपाट पेट, प्यासी चूत और मस्त गोरी गांड.

मेरा लंड एकदम तन गया.
आह … मैं जोर जोर से उनके चूचों को चूसने लगा.

‘उम्म … उम्म … बेबी क्या दूध हैं तेरे!’
आंटी- पी ले राजा … दबा दबा कर पी ले!

वे खुद मुझे अपने दूध पकड़ कर पिला रही थीं और मस्त आवाजें निकाल रही थीं.
उनकी मदभरी आवाजों से साफ समझ आ रहा था कि आंटी कितनी प्यासी हैं.

मैंने अचानक से आंटी से पूछा- अंकल आपकी लेते नहीं हैं क्या?
यह सुनते ही उनके मुँह से एक गाली निकली- वह मादरचोद भड़वा है … उसके लंड की जगह केवल लुल्ली है. उसके भरोसे रहती तो मैं एक बच्ची को भी न जन्म दे पाती.

उनकी बात सुनकर मुझे ध्यान आया कि आंटी की एक बेटी भी है, जो अब जवान हो गई है और बाहर कहीं पढ़ती है.

मैंने उनके चूचों का रस पी लेने के बाद और उन दोनों मम्मों का हलवा बनाने के बाद पेट को भी पूरा चाट डाला.

उसके बाद मैं नीचे आ गया और मैंने उनकी जांघों को चूसना व दांतों से काटना शुरू कर दिया.

वे बार बार कोशिश कर रही थीं कि मैं उनकी चुत को भी चूस लूँ. मगर मैं उनकी मलाईदार जांघों को काट काट कर खूब मज़े लेने में लगा था.

कुछ देर बाद आंटी ने मेरे सर के बालों को पकड़ कर अपनी चुत पर रख दिया.
आंटी मुझे गाली देती हुई बोलीं- चुत चाट न मां के लौड़े!

अब मैंने उनकी चूत पर हमला कर दिया.
मैं- साली बहन की लौड़ी रांड … आज तेरी रसीली चूत का भोसड़ा बना दूँगा मेरी कुतिया!

आंटी- हां खा जा मेरे लौड़े … आह खा जा मेरी चूत को मादरचोद … आह बहुत प्यासी है मेरी चुत … इसने दो साल से लंड नहीं खाया!

यह कह कर वे जोर जोर से मेरा सिर अपनी चूत में घुसाने लगीं और मैं कुत्ते की तरह उनकी चूत चाटने लगा.

फिर मैंने उनकी चूत में अपना लंड सटाया और सुपारे को रगड़ने लगा.
आंटी की चुत पहले से ही भभक रही थी. अब लंड की गर्मी से उनकी चुत पिघलने लगी.

वे खुद ब खुद अपनी कमर जूठा कर मेरे लंड को अन्दर लेने की कोशिश करने लगीं.

तभी मैंने एकदम से लंडी चुत में पेल दिया और जमकर चुदाई करना शुरू कर दी.

आंटी एकदम से लंड घुस जाने से चीख उठीं और मुझे हटने के लिए कहने लगीं.

मैंने अपना पूरा लंडी उनकी चुत की जड़ में ठाँसा और उनकी एक चूची को अपने मुँह में दबा कर चूसने लगा.

इससे आंटी को राहत मिलने लगी और कुछ ही देर में वे सामान्य हो गईं.

अब आधा घंटा तक मैं उन्हें धकापेल चोद कर जन्नत में सैर करता रहा.
उसके बाद हम दोनों झड़ गए.

अब मैंने आंटी को पलट दिया और उनकी पीठ से लेकर पैरों तक आराम से चाटने लगा.

मैं- वाह रे रंडी, क्या माल है तू!
आंटी- अपनी इस माल को अपनी रखैल बना ले मेरे राजा!

मैं- आज से तू मेरी रखैल ही है साली रांड … अब रोज़ तुझे अपने लौड़े पर नचाऊंगा मेरी रानी … आह … मस्त माल है तू!

आंटी- लव यू बेबी … आज से तू जब चाहे, मैं तेरा बिस्तर गर्म कर दूँगी मेरे राजा … बस चोद दे मुझे … फिर से चोद न!

अब मैं अपनी रखैल की गोरी गांड में घुस गया.
मैंने जोर जोर से उनकी गांड पर तमाचे मारे और उनके दोनों चूतड़ों को मसल मसल कर लाल कर दिया.
आंटी चिल्लाने लगी थीं.

मैं किसी पागल हवसी की तरह उनकी गांड को काट-काटकर खाने लगा.

करीब आधा घंटा तक मैंने उनकी जन्नत जैसी सफेद गांड के मज़े लिए … कभी चूतड़ों को चूसता, तो कभी काटकर खाने लगता.

ये मेरी ज़िंदगी की सबसे हसीन रात थी.
रात भर बिना थके मैंने उन्हें बिस्तर पर पटक-पटक कर चोदा.

तीन बार की चुदाई के बाद हम दोनों एक-दूसरे से चिपक कर सो गए.

अगले दिन सुबह जब मैं उठा, तो आंटी नंगी मेरी बांहों में लिपटकर सो रही थीं.
उनका गुंदाज बदन महसूस करते ही मेरा लंड फिर से टाइट हो गया.

मैंने उन्हें जगाया और हम दोनों फिर से चोदभंगड़ा करने लगे.
एक राउंड चुदाई करने के बाद मैं अपने घर आ गया.

अब मैं अक्सर उसे चोदा करता हूँ, तसल्ली से उसके तरबूज खाता हूँ, उनकी गुफा जैसी चुत का रस पीता हूँ.
आंटी अब मेरी रंडी हो गई हैं.

अब तो आए दिन मैं खुद को जन्नत में महसूस करता हूँ.

कुछ दिन यूं ही बीत गए.
अब हम दोनों रात में मोबाइल पर चैट करने लगे थे.

एक दिन आंटी ने मुझे बताया कि वे अपनी बेटी से मिलने उसके हॉस्टल जाने वाली हैं.

मैंने भी फोन पर आंटी की लड़की से हॉस्टल में मिलने का वादा किया.
आंटी उधर पहले से ही पहुंच गई थीं.

फिर 25 तारीख को मैं आंटी की बेटी से मिलने उसके हॉस्टल जा पहुंचा.

आंटी की बेटी मुझे गेट पर रिसीव करने आई तो उसे देख कर मेरे तो होश उड़ गए!

उसने नीली क्रॉप टॉप और शॉर्ट्स पहनी थी, जिसमें वह बेहद सेक्सी लग रही थी.
उसका नाम रिया था.

रिया- हाय राकेश, मैं रिया! मम्मा ने मुझे तुम्हें रिसीव करने भेजा है … अन्दर चलो!
मैं- हाय रिया!

हम दोनों उसके कमरे में आ गए.

मैं आंटी से मिला और गले लगकर उनसे हाय किया.

इस दौरान मैंने अपने हाथ को आंटी की गांड पर फेर दिया.
अपने बेटी के सामने मुझे ऐसा करते देख कर आंटी सिहर उठीं.

हम तीनों ने देर रात तक बातें कीं.
इस दौरान मेरा पूरा ध्यान उस मस्त माल सेक्सी रिया पर था.

उसकी शॉर्ट्स में उसकी जांघें और गांड मस्त झलक रही थीं और मेरी हवसी आंखें उन्हें ताड़ रही थीं.

मैंने आज माँ-बेटी दोनों को चोदने का मन बना लिया था. पोर्न माँ बेटी सेक्स की तैयारी कर ली मैंने.

रात ज्यादा हो गई, तो हम तीनों लेट गए.
जैसे ही रिया सोई, मैंने आंटी की चुदाई शुरू कर दी. मैं उनके दूध पीने लगा.

तभी मैंने देखा कि रिया जाग रही थी और अपनी मम्मी को मेरे लौड़े से चुदती हुई देख रही थी.

मैं आंटी को चोदता हुआ रिया के ऊपर कूद गया.
ये देखकर आंटी हम दोनों को अलग करने लगीं.

लेकिन रिया ने मुझे कसकर पकड़ लिया और वह मुझे चूमने लगी.

आंटी को मालूम था कि उनकी बेटी अभी सीलपैक माल है, तो वे मुझे रोक रही थीं.

उधर रिया को भी मेरी जवानी पसंद आ गई थी.
उसने मेरे मोटे लौड़े से अपनी मां चुदती देख ली थी, तो वह खुद मस्त होकर चुदने को मचल उठी थी.

आंटी- रिया छोड़ उसे!
रिया- मम्मा, तुम छोड़ो मुझे! मुझे राकेश से चुदना है!

आंटी- तू सीलपैक है रिया!
रिया- हां मुझे अपनी सील इसी के लौड़े से खुलवानी है. आपको तो मालूम ही है कि यह मजबूत लौड़े वाला मर्द है!

यह कह रिया मुझे जोर से चूसने लगी और उसने अपनी मम्मी को धक्का दे दिया.
मैं भी पागलों की तरह उसे चूमने लगा.

आंटी भी समझ गई थीं कि आज उसकी लड़की की सील टूट ही जाएगी.
मैं- रिया, तू तो अपनी आंटी से भी कड़क माल है यार … उम्म … उम्म … उम्म … बेबी उम्मा!

रिया- तो मुझे भी मेरी मम्मी की तरह चोद न भोसड़ी वाले!

उसकी गाली सुनकर मैं तमतमा उठा और उसे नंगी करके चूमने-चूसने लगा.
मैंने उसकी जांघों को चूसा और उसकी चूत को चाटने लगा.

इस दौरान उसकी मम्मी भी मुझे पीछे से चाटने लगीं.
वे मेरी गांड खा रही थीं! मैंने आंटी और उनकी बेटी दोनों को खूब चोदा.

अब मैं सीधा लेट गया और वे दोनों मेरा सीना चूसने लगीं.
एक मेरे दाएं और एक बाएं!

मुझे चूस-चूसकर दोनों रंडियों ने जन्नत का अहसास कराया.
वे दोनों एक साथ मेरा लंड खाने लगीं.
मैं तृप्त हो गया था यारो!

मैं- वाह रंडियो … वाह … तुम मां बेटी ने तो मुझे बहुत ही मजा दे दिया!
रिया- तुम्हारे जैसे सेक्सी लंड से अपनी चूत की सील तुड़वा कर मैं धन्य हो गई राकेश बाबू.

आंटी- कमीने तूने मेरी बेटी को भी रंडी बना दिया साले मादरचोद!
आंटी की बात पर हम तीनों जोर जोर से हंसने लगे.

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